सूक्ष्म कथा : हत्यारिन
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संजीवनी तब संजू थी|
संजू की नज़र बायोलाजी की किताब से उठकर सामने दीवाल पर गयी | जहां एक पखियारी छिपकली के मुंह में दबी फड़फड़ा रही थी | संजू केमुहसेनिकला "हत्यारिन" और पास रखा स्केल उसने छिपकली की तरफ दाग दिया |छिपकली गिरी और उसके मुंह से पखियारी आज़ाद होकरउड़ गयी |
उस रात सोते समय संजू की छातीफूली हुई थी उसे लगा था उसने एक बड़ा काम किया|
अब संजू डाक्टर संजीवनी है |उसका अपना "संजीवन-मेटरनीटी नर्सिंगहोम" है |
एक दिन नर्सिंग होम से निकलने के पहले डा. संजीवनी को नर्स ने बताया कि १२ नंबर पेशेंट को आपरेशन रूम मेंशिफ्ट कर दिया है लेकिन उसके रिलेटिव के पास चार्ज जमा करने के लिए पैसे नहीं है |
सुनना था कि डा. संजीवनी ने भद्दा सा मुंह बनाते हुए कहा जितने है लेकर तुरंत दफा कर दो और गाड़ी की तरफ बढ़ गयी |
दूसरे दिन अखबार मेंखबर थी प्रसूता ने अपस्ताल के सामने सड़क पर बच्चे को जन्म दिया |
जच्चा बच्चा दोनों ने दम तोड़ा ||
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संजीवनी तब संजू थी|
संजू की नज़र बायोलाजी की किताब से उठकर सामने दीवाल पर गयी | जहां एक पखियारी छिपकली के मुंह में दबी फड़फड़ा रही थी | संजू केमुहसेनिकला "हत्यारिन" और पास रखा स्केल उसने छिपकली की तरफ दाग दिया |छिपकली गिरी और उसके मुंह से पखियारी आज़ाद होकरउड़ गयी |
उस रात सोते समय संजू की छातीफूली हुई थी उसे लगा था उसने एक बड़ा काम किया|
अब संजू डाक्टर संजीवनी है |उसका अपना "संजीवन-मेटरनीटी नर्सिंगहोम" है |
एक दिन नर्सिंग होम से निकलने के पहले डा. संजीवनी को नर्स ने बताया कि १२ नंबर पेशेंट को आपरेशन रूम मेंशिफ्ट कर दिया है लेकिन उसके रिलेटिव के पास चार्ज जमा करने के लिए पैसे नहीं है |
सुनना था कि डा. संजीवनी ने भद्दा सा मुंह बनाते हुए कहा जितने है लेकर तुरंत दफा कर दो और गाड़ी की तरफ बढ़ गयी |
दूसरे दिन अखबार मेंखबर थी प्रसूता ने अपस्ताल के सामने सड़क पर बच्चे को जन्म दिया |
जच्चा बच्चा दोनों ने दम तोड़ा ||
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