सूक्ष्म कथा : दु:स्वप्न
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पसीने से लथपथ बेचैनी से करवट बदलते हुए ‘उसने’ देखा कि पुष्प वर्षा के बीच राजपथ पर बढ़ता हुआ सपेरा सबसे ऊँची प्राचीर पर जा चढ़ा और वहाँ से लोगों को सम्बोधित करते हुए बोला कि सारे साँप पिटारी में क़ैद हैं और नगर साँपों से मुक्त हो चुका है ..नगरवासी अब निडर होकर जी सकते हैं |
‘उसने’ सच बताना चाहा कि पिटारी में क़ैद साँप नकली हैं लेकिन उसने पाया कि उसकी घिग्गी बंध चुकी थी और वो चाहते हुए भी कुछ भी बोल पाने में असमर्थ था |
सपेरा प्राचीर से उतर कर अपने महल में लौट गया |
आगे ‘उसने’ देखा कि दूसरे दिन नगर में गाजे बाजे के साथ साँपों की शोभायात्रा निकाली जा रही है ..जिसमे झंडे त्रिशूल तलवार चाकू चमचमा रहे थे और खतरनाक नारे उछाले जा रहे थे |
भयावह दृश्य के बीच उसने देखा कि नगर के आसमान में एक विशाल साँप छाता जा रहा था जिसने मुँह में जैतून की पत्तियाँ दबा रखी थी लेकिन जो पूँछ से लगातार जहर उगल रहा था और उसका चेहरा सपेरे सा था |
इस दुस्वप्न से वो चीख कर जागा और उसने किसी तरह बत्ती जलायी ..रात के २ बजे थे .. पानी पीकर उसने टीवी का रिमोट दबाया ... जहाँ सब जगह हालात काबू में बताये जा रहे थे |
वो आँख मूंदकर सोने की कोशिश में जुट गया ||||
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पसीने से लथपथ बेचैनी से करवट बदलते हुए ‘उसने’ देखा कि पुष्प वर्षा के बीच राजपथ पर बढ़ता हुआ सपेरा सबसे ऊँची प्राचीर पर जा चढ़ा और वहाँ से लोगों को सम्बोधित करते हुए बोला कि सारे साँप पिटारी में क़ैद हैं और नगर साँपों से मुक्त हो चुका है ..नगरवासी अब निडर होकर जी सकते हैं |
‘उसने’ सच बताना चाहा कि पिटारी में क़ैद साँप नकली हैं लेकिन उसने पाया कि उसकी घिग्गी बंध चुकी थी और वो चाहते हुए भी कुछ भी बोल पाने में असमर्थ था |
सपेरा प्राचीर से उतर कर अपने महल में लौट गया |
आगे ‘उसने’ देखा कि दूसरे दिन नगर में गाजे बाजे के साथ साँपों की शोभायात्रा निकाली जा रही है ..जिसमे झंडे त्रिशूल तलवार चाकू चमचमा रहे थे और खतरनाक नारे उछाले जा रहे थे |
भयावह दृश्य के बीच उसने देखा कि नगर के आसमान में एक विशाल साँप छाता जा रहा था जिसने मुँह में जैतून की पत्तियाँ दबा रखी थी लेकिन जो पूँछ से लगातार जहर उगल रहा था और उसका चेहरा सपेरे सा था |
इस दुस्वप्न से वो चीख कर जागा और उसने किसी तरह बत्ती जलायी ..रात के २ बजे थे .. पानी पीकर उसने टीवी का रिमोट दबाया ... जहाँ सब जगह हालात काबू में बताये जा रहे थे |
वो आँख मूंदकर सोने की कोशिश में जुट गया ||||
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