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नन्हा राँझा

नन्हा राँझा
: सूक्ष्म कथा

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फेस वन के चौथे माले पर डार्क केमल रहता है | सामने फेस टू के चौथे माले पर गोल्डन फिश रहती है |
गोल्डन फिश के पापा के पास सिल्वर कार है जिसमे सेंसर लगा है |
कोई चीज धोखे से भी कार से छू जाती है तो सायरन बज उठता है और गोल्डन फिश दौड़कर बालकनी में आ जाती है देखने कि क्या हुआ ...?
... यह देख डार्क केमल को जुगत सूझी | जब भी उसे गोल्डन फिश देखने का जी होता वो खिड़की से एक कंकड़ कार पर उछाल देता ....सायरन बजता और गोल्डन फिश दौड़ी चली आती |
गोल्डन फिश की मासूम हैरानी से डार्क केमल ख़ुशी के मारे और डार्क हो जाता ...
उस क़यामत के दिन डार्क केमल ने कंकड़ मारकर सायरन बजाया | गोल्डन फिश आयी ज़रूर लेकिन पीछे उसकी माँ भी और जब तक डार्क केमल खिड़की के पर्दे के पीछे खुद को छुपा पाता उसे ताड़ लिया गया |
रात जब डार्क केमल के पिता शिफ्ट से वापस लौटे तो डार्क केमल की करतूत सोसायटी के गेट पर ही उन्हें परोस दी गयी ...|
देर रात रोने की आवाज़ सुनकर के सामने की खिड़की खुली ...खिड़की के अन्दर से गोल्डन फिश ने देखा कि  डार्क केमल की पिटाई हो रही है ....
पिटाई के दौरान डार्क केमल की निगाहें जैसे ही गोल्डन फिश से चार हुई उसके शरीर पर हर चोट फूल बन गयी ..आंसू भरी आँखों में सितारे जगमगाने लगे ....
डार्क केमल को पहली बार पिटाई सार्थक होती लगी |||
 

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